Shree Shani Dev Mantra | शनि देव मंत्र
शनि प्रकोप से सभी व्यक्ति बचना चाहते हैं। जहां शनि को सबसे क्रूर माना जाता है, वहीं इन्हें न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। शनि देव को यह उपाधि देवों के देव महादेव ने दी है। शनि देव व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल देते हैं। जीवन में सुख, शांति, समृद्धि आदि के लिए शनि देव की कृपा बहुत जरूरी है। जिस भी भक्त को इनका आशीर्वाद मिल जाए, उसके जीवन के दुःख दूर हो जाते हैं। शनि देव किसी के साथ अन्याय नहीं होने देते हैं। बशर्तें आपको छल, कपट, ईर्ष्या, द्वेष आदि बुराइयों से दूर रहना चाहिए। शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए भी शनि देव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कुछ मंत्र हैं, जिनका जाप करना चाहिए। आज शनि जयंती है, यह अच्छा अवसर है शनि देव की कृपा प्राप्त करने का।
शनिदेव की आरती
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
जय जय श्री शनि देव....
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।
नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनि देव....
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनि देव....
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनि देव....
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।
शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।

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