श्री गंगा माता आरती | Shree Ganga Mata Aarti

 


🙏 Shree Ganga Mata 🙏

ओम जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता
 जो नर तुमको ध्यान, मन वंचित फल पात
 ओम जय गंगे माता ...
 चंद्रा सी ज्योत तुम्हारी, जल निर्मल अता
 शरण पडे जो तेरी, सो नर तर जाटा
 ओम जय गंगे माता .....
 पुत्रा सागर के तारे, सब जग को ग्याता
 कृपा द्रष्टि तुमहारी, त्रिभुवन सुख दाता
 ओम जय गंगे माता .....
 एक बर जो परानी, शरण तेरी आटा
 यम की तस मितकार, परमगति पात
 ओम जय गंगे माता .....
 आरती मात तुमहारी, जो जन नित्य गाता
 सेवक वाही सहज मैं, मुक्ति को पट
 ओम जय गंगे माता .....





गंगा आरती हरिद्वार, ऋषिकेश और वाराणसी में गंगा नदी के तट पर हर शाम होती है। गंगा आरती या गंगा पूजा के लिए, एक छोटा सा मिट्टी का दीया जलाया जाता है और नदी के बहते हुए पानी में फूलों के साथ नदी में डाल दिया जाता है। गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर गंगा आरती का विशेष महत्व है, यह वह समय है जब माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होती हैं। गंगा आरती वह समय है जब हम अपना 'धन्यवाद'  प्यार और भक्ति प्रदान करते हैं, और हम माँ गंगा को अपना प्यार और भक्ति प्रदान करते हैं।

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